Sunday, 2 February 2025

दादा की राह पर पौता

 दिग्विजय चौटाला बोले-शिक्षा देना पाप है तो यह पाप सौ बार करुंगा

गांव कालुआना में डा. बीआर आंबेडकर ई-लाइब्रेरी का किया उद्घाटन


डबवाली।
रविवार को जननायक जनता पार्टी के प्रधान महासचिव दिग्विजय चौटाला ने गांव कालुआना में डा. बीआर आंबेडकर ई-लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। वे अपने दादा दिवंगत ओमप्रकाश चौटाला की राह पर चलते हुए नजर आए।
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि मेरे दादा ओमप्रकाश चौटाला कहते थे कि रोजगार देकर मैंने कोई पाप किया है तो मैं 100 बार करुंगा। वैसे ही मैं कहता हूं कि अगर लाइब्रेरी खोलकर या शिक्षा देकर मैंने कोई पाप किया है तो मैं यह पाप सौ बार करुंगा। जजपा नेता पूर्व विधायक अमित सिहाग तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता डा. केवी सिंह पर तंज कसने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि उक्त लोगों को मेरा जननायक चौधरी देवीलाल ई-लाईब्रेरी या फिर डा. बी आर आंबेडकर ई-लाइब्रेरी बनाकर युवाओं को शिक्षित करने का प्रयास रास नहीं आ रहा है। उन कमजोर सोच के लोगों को कहूंगा कि आप अपनी सोच बदलिए। मनुवादी और नाकारा सोच को छोड़कर आप इस हवन यज्ञ में आहुति डालें। अकेला दिग्विजय कुछ नहीं कर सकता। जजपा नेता ने लाइब्रेरी में पांच कंप्यूटर देने की घोषणा की। इस मौके पर वरिष्ठ जजपा नेता सर्वजीत सिंह मसीतां, गांव कालुआना के सरपंच दौलत राम मौजूद थे।
दरअसल, अमित सिहाग ने पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट में डबवाली विधानसभा चुनाव को चुनौती दे रखी है। उन्होंने अपनी हार का दोष दिग्विजय चौटाला पर मढ़ा है। सिहाग ने अपनी इलेक्शन पटीशन में विधानसभा चुनाव को शून्य करार देने की मांग कर रखी है। चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों को पार्टी बनाया है। मुख्य तौर पर हार का जिम्मेवार दिग्विजय को ठहराया है। सिहाग चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार थे। उन्होंने दिग्विजय पर मरहूम पंजाबी सिंगर सिधू मूसेवाला का स्टैच्यू लगाने, भजन गायक कन्हैया मित्तल का कार्यक्रम करवाने, गांवों में लाइब्रेरी खोलने और अयास संस्था के बैनर तले खुद का प्रचार करवाने के आरोप लगाए हैं। सिहाग का आरोप है कि उक्त कार्यक्रमों पर चुनाव खर्च की तय सीमा से अधिक खर्च हुआ है। चुनाव प्रभावित हुआ, जिससे सभी उम्मीदवारों को मतों का नुकसान हुआ। सबसे ज्यादा प्रभाव उस पर पड़ा।

Saturday, 1 February 2025

तेंदुआ नहीं, कुत्ते के पैर हैं

डबवाली क्षेत्र में तेंदुआ आने की अफवाह, विभाग बोला-कुत्तों के निशान मिले हैं

वायरल वीडियो को बताया फेक, कहा-डबवाली क्षेत्र से संबंधित नहीं है मामला


डबवाली।
जंगली जानवर की वीडियो वायरल होने के बाद डबवाली के कई गांवों के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। वन्य प्राणी विभाग ने दो गांवों का निरीक्षण करने के बाद पुष्टि की कि वीडियो में दिखाई देने वाला जानवर तेंदुआ है। लेकिन जो निशान मलिकपुरा या झुट्टीखेड़ा में दिखाई दिए हैं, वह कुत्तों के हैं। विभाग ने वायरल वीडियो को डबवाली क्षेत्र की होने की पुष्टि नहीं की हैं
यह है मामला
शनिवार को एक वीडियो वाट्सएप पर वायरल हो गई। साथ ही वायस मैसेज वायरल हुआ कि मलिकपुरा, मटदादू तथा खुइयांमलकाना क्षेत्र में तेंदुआ देखा गया है। वीडियो में दिखाई देने वाला जानवर तेंदुआ ही था, वीडियो के बाद सूचना पाकर वन्य प्राणी विभाग अधिकारी मलिकपुरा पहुंचे। जिस किसान ने जानवर देखा था, वहां निशान देखे गए। निशान कुत्ते के मिले। इधर गांव झुट्टीखेड़ा में शाम को टीम पहुंची। वहां भी कुत्ते के पैरों के निशान मिले। वन्य प्राणी विभाग इंस्पेक्टर रामकेश ने पुष्टि की कि डबवाली क्षेत्र में जंगली जानवर आने की सूचना महज अफवाह साबित हुई है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट मीडिया में घूम रही तेंदुआ की वीडिया डबवाली से संबंधित नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि हाइना या फिर तेंदुआ आने की पुष्टि नहीं हुई है।

Thursday, 30 January 2025

50 लाख का नशा बरामद

पिता पुत्र से ₹50 लाख रुपये का चिट्टा बरामद



सिरसा।

प्रदेश को नशा मुक्त करने के हरियाणा सरकार की मुहिम को सफल बनाने में हरियाणा राज्य नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो लगातार नशा तस्करों पर कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में हरियाणा राज्य नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की सिरसा यूनिट ने मोटरसाईकिल सवार पिता पुत्र 2 नशा तस्करो को थाना डींग एरिया से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपयो के पास से 412 ग्राम चिट्टा/हरोइन बरामद किया गया है। विदित है कि हरियाणा राज्य नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो प्रमुख महानिदेशक ओ.पी. सिंह के दिशा निर्देशों पर पुरे प्रदेश में नशा तस्करों के नेक्सस को तोड़ने के लिए एचएसएनसीबी हरियाणा द्वारा विशेष अभियान चलाए जा रहे है। संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए हरियाणा एनसीबी यूनिट सिरसा के नोडल अधिकारी उपपुलिस अधीक्षक श्री जोगिंदर सिंह, HPS और इंचार्ज तरसेम सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मोहित हांडा व सुश्री पंखुड़ी कुमार के दिशा निर्देशानुसार एएसआई सुखदेव सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ सिरसा से हिसार रोड पर गाँव बगुवाली पतली डाबर चौक पर मौजूद थे। इसी दौरान डींग मोड़ की तरफ से सर्विस रोड पर एक बाइक आता हुआ दिखाई दिया जिस पर 2 लोग सवार थे। पेट्रोलिंग टीम ने शक के आधार पर संदिग्ध मोटरसाईकिल चालक को रूकने का इशारा किया। मोटरसाईकिल चालक पुलिस की गाडी को देखकर वापिस मुड़कर भागने लगा। संदिग्धों को तुरंत पुलिस टीम द्वारा काबु कर पूछताछ की गई। संदिग्धों द्वारा संतोषजनक जबाब नही दे पाने पर पुलिस टीम द्वारा मौके पर राजपत्रित अधिकारी को बुलाकर युवकों की तलाशी ली गयी तो उनकी जेब से चिट्टा बरामद हुआ। जिसका कुल वजन 412 ग्राम प्राप्त हुआ और जिसकी कीमत बाजार मे लगभग 50 लाख रुपए बताई जा रही है। आरोपयो की पहचान पिता पुत्र प्रेम सागर पुत्र दर्शन लाल और विलास उर्फ विकास पुत्र प्रेम सागर निवासी रानियाँ गेट, सिरसा के रूप मे हुई है। इस मामले मे थाना डींग जिला सिरसा मे अभियोग दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है।


आरोपी पुत्र पहले भी नशा तस्करी के मामलों मे जा चुके है जेल

सिरसा यूनिट इंचार्ज तरसेम सिंह ने आगे बताया कि आरोपी विलास उर्फ विकास पुत्र प्रेम सागर से गहानता से पूछताछ की जा रही है। आरोपी विलास पर पर नशा तस्करी के मामले मे एक मामला पहले भी है जिस पर ये आरोपी ज़मानत पर बाहर है।

आरोपी चिट्टा कहाँ से लेकर आया था और कहाँ सप्लाई करना था इसपर आगामी तफ्तीश जारी है ताकि नशे के नेक्सस को तोड़ा जा सके। नशे के व्यापार मे शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा । 


90508-91508 पर दें आमजन नशे की जानकारी, पुलिस लेगी तुरंत एक्शन

पुलिस प्रवक्ता ने आमजन से अपील करते हुए कहा की अगर आपको कहीं पर भी नशा बिकता हुआ दिखाई दे रहा है या आपको नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की सुचना है तो भारत सरकार के द्वारा चलाई जा रही नशें संबंधित टोल फ्री नंबर 1933, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल MANAS (WWW.NCBMANAS.GOV.IN) और हरियाणा एनसीबी के टॉल फ्री न. 90508-91508 पर बेफिक्र होकर सूचना दें, ताकि नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके। आमजन के सहयोग और उनकी सूचना पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन आपको विश्वास दिलाता है कि सूचना देने वाले का नाम व पता गुप्त रखा जाएगा।

वाहन हिरासत में ले लेगी डबवाली पुलिस

चालान नहीं भरा तो आपका वाहन हिरासत में ले लेगी डबवाली पुलिस

डबवाली पुलिस हुई सख्त, एसपी सिद्धांत जैन बोले-कई सालों तक चालान जमा नहीं करवाते लोग



डबवाली (एएनएन)।

डबवाली पुलिस ने वाहन चालकों को सावधान करते हुए कहा है कि अगर कोई वाहन चालक चालान भरने की समय अवधि के अंदर चालान जमा नहीं करवाता तो उस वाहन को नियंत्रण या हिरासत में लिया जाएगा। यह सख्त कदम उन लोगों के लिए है, जो चालान कटने के बाद उसे लंबे समय तक नजरअंदाज करते है।

एसपी सिद्धांज जैन ने बताया कि चालान कटने के बाद भी लोग इसे कई सालों तक नहीं भरते। चालान भरने में देरी करने वाले चालकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब नियमों को और सख्त कर दिया गया है। चालान कटने के 60 दिन के बाद वो चालान वर्चुअल कोर्ट में चला जाता है। इस हिसाब से अगर आप आनलाइन चालान भरना चाहते हैं तो आपके पास 60 दिन का टाइम होता है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यह न केवल सड़क पर अनुशासन बनाए रखता है, बल्कि सभी यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। नियमों का पालन करने से न केवल चालान से बचा जा सकता है, बल्कि सड़क पर सुरक्षित यात्रा का अनुभव भी होता है।

चालान प्रक्रिया को आसान बनाने के प्रयास में एक और कदम

पुलिस अधीक्षक सिद्धान्त जैन ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस अब चालान प्रक्रिया को डिजिटल बना रही है। ई-चालान प्रणाली के जरिए वाहन मालिक अपने चालान को आनलाइन देख सकते हैं और तुरंत भुगतान कर सकते हैं। इससे चालान प्रक्रिया पारदर्शी और आसान हो गई है। उन्होंने बताया कि चालान भरने में देरी करने वाले चालकों को अब 60 दिनों में चालान भरना अनिवार्य है। अगर इस समय सीमा का पालन नहीं किया गया, तो वाहन जब्त किया जाएगा और अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है । सड़क पर सुरक्षित यात्रा के लिए जरूरी कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वाहन चालक अपनी गाड़ी की गति सीमा का ध्यान रखें। दुपहिया वाहन पर हेलमेट और कार में सीट बेल्ट का उपयोग करना आपकी सुरक्षा के लिए आवश्यक है। वाहन चालक अपने वाहन के दस्तावेज ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, बीमा, पाल्यूशन आदि पूर्ण रखें। यातायात पुलिस द्वारा नो पार्किंग और ओवर स्पीड से संबंधित पोस्टल चालान किया जाता है। अगर किसी वाहन का नो पार्किंग या ओवर स्पीड का पोस्टल चालान होता है और उसका पाल्यूशन, रजिस्ट्रेशन या फिर बीमा समाप्त हो चुका है तो नो पार्किंग या ओवर स्पीड के साथ इस सब का भी जुर्माना लगाया जाता है।

Tuesday, 28 January 2025

नशा मुक्त गांव

पुलिस का दावा-गोरीवाला, मोडी व रिसालियाखेड़ा नशा मुक्त

एसपी सिद्धांत जैन ने गोरीवाला में आयोजित समारोह में ड्रग मुक्त गावों के सरपंचों को किया सम्मानित

- एसपी बोले-80 प्रतिशत गांव नशा मुक्त होने पर पूरा गांव है नशामुक्त



डबवाली:

मंगलवार को डबवाली जिला पुलिस ने गांव गोरीवाला, मोडी व रिसालियाखेड़ा को नशा मुक्त गांव घोषित कर दिया। यहां के युवाओं ने नशे को पूरी तरह से अलविदा कह कर गांव में किसी भी तरह का नशा न करने और न ही बेचने की शपथ ली। गांव गोरीवाला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में डबवाली की नशा मुक्ति टीम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक डबवाली सिद्धांत जैन ने इन तीनों गांवों के सरपंचों को नशा मुक्त गांव होने पर सम्मानित किया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी संस्कृति रही है कि हम अपने माता-पिता की आंखो में आंसू नहीं देख सकते। अतः हमें उनकी भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए व जीवन में कोई ऐसा कार्य न करें जिससे माता-पिता के दिल को ठेस पहुंचे। उन्होंने कहा कि भगवान ने मां-बाप को बच्चों का सबसे बड़ा शुभचिंतक बनाया है। जो व्यक्ति अपने माता-पिता की भावनाओं का ख्याल रखते है उनकी इज्जत करते हैं, नशे से दूर है, अपनी मेहनत के बल पर अपना लक्ष्य हासिल करते है सही मायने में वही सराहना के लायक हैं।

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रेड जोन एरिया में डबवाली

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिला होने के कारण डबवाली जिला नशे के मानचित्र पर रेड जोन एरिया में हैं। पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में पुलिस नशा तस्करों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने के लिए उनकी धर-पकड़ कर रही है। नशे के कारोबार में संलिप्त अपराधी की संपत्ति को जब्त करने का भी प्रावधान है। इसके साथ-साथ पुलिस आदतन नशा तस्करों के अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर भी चला रही है।

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नशा तस्करों के सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी

उन्होंने कहा कि सामाजिक बुराई के खिलाफ कोई भी अभियान तब तक सफल नहीं होगा जब तक समाज का हर वर्ग एकजुट होकर इस बुराई के खिलाफ ना खडा हो। उन्होंने ग्रामीण व्यक्तियों से आह्वान किया कि नशा तस्करों का सामाजिक बहिष्कार किया जाए। यदि कहीं कोई व्यक्ति नशा बेचता हुआ पाया जाता है तो इसकी सूचना तुरंत गांव के सरपंच, नंबरदार, चौकीदार, ग्राम प्रहरी को दी जाए। इसके साथ-साथ पुलिस के टोल फ्री नं पर भी सूचना दी जा सकती है।

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पुलिस नशा छोड़ने वाले युवाओं की मदद कर रही

उन्होंने कहा कि पुलिस नशा तस्करों को पकड़ने के साथ-साथ नशा करने वाले लोगों को चिन्हित करके उनका नशा छुड़ाने का कार्य भी कर रही है। उन्होंने समारोह में उपस्थित सभी गांवो के सरपंचों व ग्रामीणों से आह्वान किया कि एकजुट होकर डबवाली के माथे से नशे का कलंक मिटाने में लग जाए और युवाओं को अपने कारोबार व खेती बाड़ी में आने के लिए सहयोग करें। इस अवसर पर नशा छोड़ने वाले युवा ने मंच से अपने नशा छोड़ने के अनुभवों को साझा किया और लोगों को नशा न करने के लिए प्रेरित किया।

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ये रहे मौजूद

इस अवसर पर एएसपी मयंक मुदगिल, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय कपिल अहलावत, सहायक उप निरीक्षक जयवीर सिंह प्रभारी चौकी गोरीवाला, प्रभारी थाना सदर निरिक्षक ब्रह्म प्रकाश, नशा मुक्ति टीम प्रभारी उप निरीक्षक सुग्रीव सिंह, गांव गोरीवाला की सरपंच सोनिया, मोडी के सरपंच सुखदेव सिंह, रिसालियाखेड़ा के सरपंच पालाराम, कालुआना गांव के सरपंच दौलत राम, चकजालू की सरपंच सरोज, बिज्जूवाली की सरपंच सुरेंद्र सुथार, सरपंच राजपुरा चंद सिंह. सरपंच रत्ताखेड़ा लीलाधर, वाइस चेयरमैन दीपा सिंह, संजीव शाद मौजूद थे।

Tuesday, 21 January 2025

मटदादू गांव सुर्खियों में

235 साल पुराना मटदादू गांव सुर्खियों में आया, महिला सरपंच ने नशा रोकने के लिए आइपी कैमरे लगाए

महानगरों की सुरक्षा के लिए लगने वाले सीसीटीवी कैमरे पहली बार हरियाणा के किसी गांव में लगे


डबवाली:
करीब 235 साल पुराना गांव मटदादू सुर्खियों मंे आ गया है। वजह है गांव की महिला सरपंच गगनदीप कौर। उन्होंने गांव में महानगरों की सुरक्षा में प्रयोग होने वाले आइपी, हयूमन डिटेक्शन तथा हाइ डेफिकेशन कैमरे लगाए हैं। ऐसा इसलिए कि गांव में नशे तथा अपराध पर नियंत्रण रहे। बताया जाता है कि गांव मटदादू नशे की दृष्टि से संवेदनशील गांव है। यहां करीब 80 से ज्यादा नशा करने वाले लोग हैं। युवाओं की मौत हो रही है। ऐसे में नशा तस्करों पर निगरानी रखने के लिए पंचायत ने बड़ा कदम उठाया है। गांव मटदादू अब पूरी तरह से तीसरी आंख के पहरे में महफूल रहेगा।
पहली बार गांव में महानगरों (मेट्रो) की तर्ज पर आईपी, हाई डेफिनेशन, ह्यूमन डिटेक्शन नेटवर्क कैमरे लगाए गए हैं। सरपंच गगनदीप कौर ने बताया कि गांव के सभी प्रवेश द्वारों पर और डबवाली-ऐलनाबाद स्टेट हाइवे रोड पर भी लगभग 30 सेट अप लगाए गए हैं। गांव के हर मुख्य चौक-चौराहे, फिरनी, गली, लाईब्रेरी, स्कूल, धार्मिक स्थल को कवर किया गया है। उन्होंने बताया कि गांव में सभी कैमरों की डिस्प्ले के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा, हर कैमरे में एक सिम चिप लगी होगी, जिससे वह इंटरनेट के साथ जुड़ा होगा। पूरे गांव को सीसीटीवी कैमरा जोन बनाए जाने से गांव में आपराधिक घटनाओं में कमी होगी और नशा तस्करों पर कड़ी नजर रहेगी। उन्होंने बताया कि तीसरी नजर से कोई भी अपराधी बच नहीं सकेगा। सरपंच ने बताया कि कैमरे की क्वालिटी बहुत बढिय़ा है और कैमरे में ह्यूमन डिटेक्शन व वायस कैप्चर की भी सुविधा है। उन्होंने बताया कि गांव में करीब 100 से ज्यादा कैमरे लगाए गए हैं।
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सात मंजिला मठ होने के कारण नाम पड़ा था मठदादू
डबवाली से करीब 21 किलोमीटर दूरी पर स्थित मटदादू गांव का सही नाम है मठदादू। यह नाम अंग्रेजों ने गांव में बने एतिहासिक मठ के कारण दिया था। ग्रामीण बताते हैं कि गांव की सीमा निर्धारित करने के लिए अंग्रेज अधिकारी शामिल हुए थे। गांव के नाम पर चर्चा हुई तो करीब सात मंजिला मठ दिखाई दिया। अंग्रेजों ने पूछा कि यह क्या है? ग्रामीणों ने बताया कि मठ है। अधिकारी ने अगला सवाल किया कि किसका मठ है, तो पता चला कि संत दादू दयाल का है। अधिकारी ने उसी वक्त गांव को मठदादू कहकर संबोधित किया। गांव की स्थापना 1790 के आस-पास बताई जाती है। करीब 231 साल पूर्व बसे गांव का आंकलन वर्तमान परिस्थितियों से करें तो रकबा 28156 कनाल 15 मरले है। वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार गांव की कुल आबादी करीब 3450 है। जिसमें 1787 पुरुष तथा 1663 महिलाएं शामिल है।
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पाकिस्तान के जंबर गांव से जुड़ा है इतिहास
गांव मठदादू का इतिहास पाकिस्तान के जिला कसूर की तहसील पत्तो के गांव जंबर कलां, जंबर खुर्द से जुड़ा हुआ है। ग्रामीण गुरमेल सिंह बताते है कि गांव मठदादू की जमीन बठिंडा जिला के गांव सेखू के ग्रामीणों की थी। उस वक्त अंग्रेजों को लगान देना पड़ता था। अकाल होने के कारण सेखू के ग्रामीण लगान नहीं दे सके अंग्रेजों ने जमीन कुर्क कर ली थी। बुजुर्ग बताया करते थे कि सेखू के ग्रामीणों की रिश्तेदारी उस वक्त के जिला लाहौर की तहसील चुन्नियां के तहत आने वाले गांव जंबर में थी। जंबर समृद्ध इलाका था। रिश्तेदारों ने सूचित किया कि अगर जंबर के लोग चाहे तो लगान अदा करके जमीन पा सकते है। जंबर के लोगों ने ऐसा ही किया, अंग्रेजों को लगान अदा करके जमीन हासिल कर ली। इसलिए मठदादू के लोग नाम के पीछे जंबर शब्द का इस्तेमाल करते है।
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सात मंजिला था मठ, क्रांतिकारी लेते थे पनाह
सरपंच प्रतिनिधि रणदीप सिंह बताते है कि अक्सर बुजुर्ग कहानी सुनाया करते थे कि मठ सात मंजिला था। सबसे ऊपरी मंजिल पर मशाल जलती थी। जो बहुत दूर से भी दिखाई देती थी। बताते है कि ऊंचाई ज्यादा होने के कारण छाया दो किलोमीटर दूर स्थित गांव मलिकपुरा में दिखाई देती थी। बुजुर्गों का यह भी कहना था कि उपरोक्त मठ में क्रांतिकारी पनाह लेते थे। जिसे अंग्रेजो विद्रोही बताते थे। इस वजह से अंग्रेजों ने मठ का बहुत बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त कर दिया था।

Monday, 20 January 2025

बेसहारा गोवंश

बेसहारा गोवंश को पकड़वाएगी डबवाली नगरपरिषद, ठेकेदार को तीन दिन में निपटानी होगी शिकायतें

नगरपरिषद ने टेंडर काल किया, शर्त रखी-ठेकेदार को कंट्रोल रुम बनाना होगा, रजिस्टर में दर्ज करेगा शिकायत

शहर की गलियों तथा मुख्य सड़कों पर घूम रहे हैं 500 से ज्यादा गोवंश

डबवाली।
नगरपरिषद बेसहारा गोवंश को पकड़वाकर संबंधित संस्थाओं में छुड़वाएगी। शहर में बेसहारा गोवंश से हो रहे हादसों के चलते नगरपरिषद ने उक्त फैसला लिया है। डबवाली शहर में बेसहारा गोवंश की संख्या बहुत ज्यादा है। प्रत्येक गली में गोवंश की संख्या औसत दो से तीन आंकी जा रही है। इसके अतिरिक्त मुख्य सड़कों पर भी बेसहारा गोवंश की भरमार है। इस वजह से हादसे होते हैं। हादसों को रोकने के लिए बेसहारा गोवंश को पकड़ने की मांग शहरवासी लंबे समय से करते आ रहे हैं। नगरपरिषद ने बेसहारा गोवंश को पकड़ने के लिए टेंडर काल किए हैं। डबवाली में करीब 500 से ज्यादा गोवंश है।
पकड़े गए गोवंश को टैग करना होगा
एजेंसी को गोवंश यानी गाय और बैल को निर्धारित स्थान पर छोड़ना होगा। शर्त रखी गई है कि फर्म को छोड़े गए गोवंश की रसीद प्रस्तुत करनी होगी और इन रसीदों के आधार पर भुगतान किया जाएगा। फर्म या एजेंसी को प्रत्येक गोवंश को पकड़ने के बाद उसे टैग करना होगा। कार्य के दौरान कोई दुर्घटना होती है, तो एजेंसी ही जिम्मेवारी होगी। नप ने तय किया है कि एजेंसी को ऐसे मामलों का स्वयं निपटान करना होगा। यह शर्त भी रखी गई है कि बैलों की संख्या पकड़े गए कुल गोवंश का कम से कम 50 प्रतिशत होनी चाहिए। इसके बाद ही भुगतान किया जाएगा।
शिकायत केंद्र होगा, तीन दिन मंे निपटानी होगी समस्या
नगरपरिषद ने शिकायत पर त्वरित कार्रवाई के लिए यह शर्त भी जोड़ी है कि जिस फर्म या एजेंसी को वर्क आर्डर जारी किया जाएगा, उसे शिकायतों को निपटाने के लिए एक शिकायत केंद्र और एक टोल फ्री या मोबाइल नंबर सार्वजनिक करना होगा। नियमित आधार पर पकड़े गए बेसहारा गोवंश का एक रजिस्टर भी बनाना होगा। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का सख्ती से पालन करना होगा। लोगों से मिलने वाली शिकायतों का निपटारा तीन दिन के भीतर करना। अगर ऐसा नहीं होगा तो संबंधित को प्रतिदिन 1000 रुपे जुर्माना देना होगा। जो शिकायतें आएंगी, उसका रजिस्टर बनाना होगा।
चारे की व्यवस्था ठेकेदार की करनी होगी
नगरपरिषद ने शर्त रखी है कि बेसहारा गोवंश को निर्धारित स्थान पर छोड़ने के बाद पहले तीन दिनों के लिए चारा या आहार की व्यवस्था ठेकेदार को करनी होगी। इसके अलावा पशुओं की टैगिंग न करने पर 1000 रुपये प्रति गोवंश प्रतिदिन, जनता की शिकायतों का तीन दिन के भीतर समाधान न करने पर 1000 रुपये प्रति गोवंश प्रतिदिन जुर्माना  देना होगा। कार्य के दौरान घायल होने वाले गोवंश का उपचार भी स्वयं ठेकेदार को करना होगा। बताया जाता है कि कार्य की अवधि एक वर्ष के लिए होगी तथा नगर निगम मंडी डबवाली द्वारा इसे एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है।

संत बाबा श्री रामगिर जी महाराज की जीवन गाथा

विशाल वार्षिक फाल्गुन मेले के अवसर पर संत बाबा श्री रामगिर जी महाराज की जीवन गाथा -13 मार्च को गांव पन्नीवाला रुलदू में स्थित समाध स्थल पर ल...